नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को चार ऐतिहासिक क्रिकेट संघों की सदस्यता बहाल करते हुए कहा कि इन्होंने देश के क्रिकेट इतिहास में बड़ा योगदान दिया है।

शीर्ष अदालत ने मुंबई, सौराष्ट्र, वडोदरा और विदर्भ के क्रिकेट संघों की स्थायी सदस्य इस आधार पर बहाल कर दी कि इन संस्थाओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए हैं।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पीठ ने रेलवे, सेना और विश्वविद्यालय के खेल के प्रति योगदान और प्रतिभा को निखारने में भूमिका के कारण उनकी स्थायी सदस्यता भी बहाल कर दी।