मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अग्रेजी वेबसाइट्‍स की खबरों के मुतबिक उनके परिवार के प्रवक्ता के माध्यम से यह खबर आ रही है। हालांकि विस्तृत खबर का अभी इंतजार है।

परिवार वित्तीय बाधाओं के बाद भी माता-पिता दोनों की शिक्षा ऑक्‍सफोर्ड विश्‍वविद्यालय में की, जहां फ्रेंक ने आयुर्विज्ञान की शिक्षा प्राप्‍त की और इसाबेल ने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। अब दुनिया के प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग ने वह राज उजागर किया, जिसे पूरी दुनिया बरसों से जानता चाहती थी। स्‍टीफन हॉकिंग ने हाल ही में बिगबैंग के पहले के संसार के बारे में कुछ ऐसा बताया है, जिसे जानकर विज्ञान भी आश्चर्यचकित था।

विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक स्टीफन हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं के बाद भी यह साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति से व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। स्टीफन हॉकिंग के दिमाग को छोड़कर उनके शरीर का कोई भी भाग काम नहीं करता था।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज में गणित और सैद्धांतिक भौतिकी के प्रोफेसर रहे स्टीफ़न हॉकिंग की गिनती आइंस्टीन के बाद सबसे बढ़े भौतकशास्त्रियों में होती है। स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग के घर में हुआ था। हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम इंसान से अलग दिखाई देते थे।
कम्प्यूटर और विभिन्न उपकरणों के जरिए अपने शब्दों को व्यक्त कर उन्होंने भौतिकी के बहुत से सफल प्रयोग भी किए हैं। हाकिंग ने बैंग सिद्धांत को समझने में अहम योगदान दिया।
उनके पास 12 मानद डिग्रियां थीं। हॉकिंग के कार्य को देखते हुए अमेरिका का सबसे उच्च नागरिक सम्मान उन्हें दिया गया। 1974 में ब्लैक होल्स पर असाधारण रिसर्च करके उसकी थ्योरी मोड़ देने वाले स्टीफन हॉकिंग साइंस की दुनिया के सिलेब्रिटी माने जाते हैं। स्टीफन हॉकिंग ने द ग्रैंड डिजाइन, यूनिवर्स इन नटशेल, माई ब्रीफ हिस्ट्री, द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग जैसी कई महत्वपूर्ण किताबें लिखीं।