कन्नौज: शिवपाल यादव के उम्मीदवार ने डिंपल यादव के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने से हाथ खड़े कर दिए. अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल कन्नौज से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार हैं. सुनील कुमार राठौर को शिवपाल ने टिकट दिया था. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना कर शिवपाल इस बार अपने ही भतीजे के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में हैं. सुनील राठौर को आज अपना पर्चा भरना था.

आज नामांकन की आख़िरी तारीख थी. राठौर सारे काग़ज़ और ज़रूरी दस्तावेज तैयार कर चुके थे. लेकिन इसी बीच उनके मोबाइल पर शिवपाल यादव का फोन आया. उन्हें बताया गया कि उन्हें डिंपल के ख़िलाफ़ चुनाव नहीं लड़ना है. उन्होंने कहा कि मेरी तो तैयारी थी लेकिन फिर शिवपाल जी के आदेश को हमने माना.

शिवपाल यादव रिश्ते में अखिलेश के चाचा हैं, इस लिहाज़ से अखिलेश की पत्नी डिंपल उनकी बहू हुईं. शिवपाल ने रिश्ते का मान रखते हुए बहू के ख़िलाफ़ उम्मीदवार वापस ले लिया है. अंदर की ख़बर है कि शिवपाल की पत्नी सरला यादव के कारण ये फ़ैसला हुआ. अखिलेश और डिंपल को सरला बहुत मानती हैं.

अखिलेश के बच्चे शिवपाल के घर पर ही खेला करते थे, रिश्ते ऐसे थे कि डिंपल का अधिकतर समय शिवपाल के घर पर ही बीतता था. लेकिन फिर मुलायम परिवार में मचे घमासान के बाद सारे रिश्ते बिखर गए. शिवपाल यादव धीरे धीरे समाजवादी पार्टी में किनारे कर दिए गए. अखिलेश यादव पार्टी के अध्यक्ष बन गए फिर शिवपाल यादव ने अपनी अलग एक पार्टी ही बना ली.

डिंपल यादव कन्नौज से दो बार सांसद रह चुकी हैं. वे पहला चुनाव फ़िरोज़ाबाद से कांग्रेस के राज बब्बर से हार चुकी हैं. अखिलेश यादव ने पहले एलान किया था कि डिंपल इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी लेकिन बाद में उनका मन बदल गया. डिंपल कन्नौज से और अखिलेश आज़मगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं. मुलायम सिंह यादव अपनी परंपरागत सीट मैनपुरी से चुनाव लड़ रहे हैं.


शिवपाल यादव ने अपने बड़े भाई मुलायम के ख़िलाफ़ भी कोई उम्मीदवार नहीं दिया है. वे ख़ुद फ़िरोज़ाबाद से अपने भतीजे अक्षय यादव के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे हैं. अक्षय समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे हैं. रामगोपाल रिश्ते में शिवपाल यादव के बड़े भाई हैं. दोनों में छत्तीस का रिश्ता है.

20 साल से कन्नौज सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है, 2014 की मोदी लहर में डिंपल को कन्नौज में बीजेपी के सुब्रत पाठक से कड़ी टक्कर मिली थी. वो चुनाव डिंपल महज 20 हजार वोटों से जीत पाईं थी, 2014 में बीएसपी को कन्नौज में करीब 1 लाख 27 हजार वोट मिले थे.

अब बीएसपी भी एसपी के साथ है, लिहाजा पिछले चुनाव में बीएसपी को मिले वोट प्रियंका को ट्रांसफर होने की पूरी उम्मीद है, साथ ही कांग्रेस ने भी वॉकओवर देख रखा है और अब चाचा शिवपाल ने भी बहू डिंपल के लिए अपने प्रत्याशी को हटा लिया है.