सतलोक आश्रम प्रकरण में विवादित संत रामपाल पर आज फैसला आना है। इसे देखते हुए पूरे हिसार में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बुधवार को ही जिले में धारा-144 लगा दी गई। साथ ही यहां की सभी सीमाएं सील कर दई गई है।
किसी भी तरह की आशंका को देखते हुए गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट से तीन किमी का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इस सुरक्षा घेरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण रूप से पाबंदी होगी। शहर में कई जगहों पर रूट डायवर्जन रहेगा। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और रामपाल के समर्थकों की भीड़ का हिसार शहर में प्रवेश रोकने के लिए 48 पुलिस नाके लगाए गए हैं।
हो सकता है समर्थकों का जमावड़ा : प्रशासन को आशंका है कि सुनवाई के दौरान 10 से 20 हजार श्रद्धालु कोर्ट परिसर, सेंट्रल जेल, लघु सचिवायल, टाउन पार्क और रेलवे जैसी जगहों पर एकत्रित हो सकते हैं। ऐसे में ये समर्थक किसी तरह की कानून व्यवस्था न बिगाड़ पाए, इसके लिए पहले से ही तैयारियां कर ली गई है।

जिले से 1300 पुलिसकर्मी और बाहरी जिलों से 700 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा अन्य जिलों के एसपी और डीएसपी की ड्यूटी भी हिसार लगाई गई है। इसके अलावा आरएएफ की पांच कंपनियों को हिसार बुला लिया है।

क्या हैं आरोप :

संत रामपाल पर हत्या का केस, जमीन पर कब्जा के आरोप हैं।

क्या है मामला : 14 नवंबर 2014 का है जब हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी एक मामले में रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद हाईकोर्ट ने रामपाल को पेश करने के आदेश दिए और पुलिस प्रशासन ने सतलोक आश्रम से रामपाल को निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया। इस दौरान हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी।