हैदराबाद। भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री को युवा खिलाड़ी पृथ्वी शॉ की बल्लेबाजी में आधुनिक युग के दो सफलतम बल्लेबाज के साथ एक ऐसे बल्लेबाज की झलक दिखती है जिसने बल्लेबाजी के नियमों के दायरे से हटकर खेलकर सफलता पाई।

शास्त्री ने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-0 से जीत दर्ज करने के बाद कहा कि 18 साल के इस सलामी बल्लेबाज में सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और वीरेन्द्र सहवाग की झलक दिखती है।
भारतीय कोच ने कहा, ‘उसका (शॉ) जन्म क्रिकेट खेलने के लिए ही हुआ है। वह आठ साल की उम्र से मुंबई के मैदानों में खेल रहा है। आप उसकी कड़ी मेहनत देख सकते हो। दर्शकों को भी उसका खेल शानदार लगता है। उसमें थोड़ी सचिन की और थोड़ी सहवाग की झलक दिखती है और जब वह चलता है तो उसमें लारा की भी झलक दिखती है।’
उन्होंने कहा, ‘अगर वह खुद को एकाग्र रखता है और खेल पर ध्यान देता है तो उसका भविष्य उज्ज्वल है।
अपने पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले शॉ ने दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन 53 गेंद में 70 रन की पारी खेल भारत को शानदार शुरूआत दिलायी। वह दूसरी पारी में भी 33 रन पर नाबाद रहे।
शास्त्री ने इस मौके पर उमेश यादव की भी तारीफ की जिन्होंने मैच में 10 विकेट लिए। वह कपिल देव और श्रीनाथ के बाद भारतीय सरजमीं पर 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज है।
उन्होंने कहा, ‘एक खिलाड़ी के तौर बेंच पर बैठना काफी निराश करने वाले वाला होता जैसा उमेश के साथ चार मैचों में हुआ। सिर्फ ग्यारह खिलाड़ी खेल सकते हैं। उसने यहां मिले मौका का फायदा उठाया, मैं उसके लिए खुश हूं। ऐसा प्रदर्शन सिर्फ चौथी बार हो रहा है (भारत में तेज गेंदबाज के द्वारा टेस्ट में 10 विकेट लेना।’ भारतीय कोच ने इस मौके पर विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की भी तारीफ की और लोकेश राहुल का बचाव किया।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है राहुल अच्छा करेगा। वह विश्व स्तरीय खिलाड़ी है। कभी कभी वह जरूरत से ज्यादा कोशिश करने लगता है। वह अपने खेल पर काफी मेहनत करता है।’ शास्त्री ने कहा, ‘पंत ने भी मौकों को पूरी तरह से भुनाया। उसने टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली है।’
उनसे जब ऋद्धिमान साहा की वापसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘आपको मौजूदा फार्म को तरजीह देनी होगी।’