बेंगलुरु। महेंद्र सिंह धोनी ने इंडियन प्रीमियर लीग में एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी बाजुओं में फौलाद भरा हुआ है। रॉयल चैलेंसर्ज के खिलाफ जिस तूफानी अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी करके मैच को फिनिश किया, उससे अहसास हो गया कि ‘माही’ आईपीएल में लौट आया है…

महेंद्र सिह धोनी के जीवन पर बनी ‍’बायोपिक’ फिल्म में एक डायलॉग मशहूर हुआ था। ये डायलॉग था- ‘माही मार रहा है…’। इस डायलॉग को बुधवार को उन्होंने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चरितार्थ भी कर डाला। अंबाती रायुडू ने भले ही 82 रनों की पारी खेली हो लेकिन ये सभी ने देखा कि धोनी ने अपने अकेले के दम पर चेन्नई को जीत दिलाई।
धोनी के पूरे दिमाग में मैच चल रहा था और वे जानते थे कि कहां पर क्या करना है। जहां जरूरत थी, वहां उन्होंने धैर्यता का परिचय दिया और जहां पर बल्ले से जौहर दिखलाने थे, वो भी दिखाए। धोनी ने जहां मैदान पर आते ही दूसरी गेंद पर छक्का उड़ाया तो चहल जैसे खतरनाक गेंदबाज के ओवर पूरे होने का इंतजार किया।
धोनी को पता था कि विराट की सेना में एक गेंदबाज कम है और यही कारण है कि उन्होंने आखिरी ओवर में कोरी एंडरसन की गेंद पर उस वक्त विजयी छक्का लगाया जब मैच खत्म होने में केवल 2 गेंद शेष थी। ये विजयी छक्का ठीक उसी तरह का था, जैसा उन्होंने 2011 के विश्व कप में लगाया था और भारत को 28 साल विश्व विजेता बनवाया था।
ये बात भी दावे के साथ कही जा सकती है कि ‘अगर क्रिकेट कोई किताब होती तो उसका ‘फिनिशिंग चैप्टर’ महेंद्र सिंह धोनी ही लिखते।’ आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स ही नहीं बल्कि भारतीय टीम के बहुत सारे मैच धोनी ने अकेले के दम पर जिताए हैं। दुनिया में संभवत: धोनी ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने ‘विनिंग स्ट्रोक’ खेले हैं।
इस मैच में विराट कोहली से कहीं न कहीं चूक हो गई कि उन्होंने मैच का आखिरी ओवर कोरी एंडरसन से डलवाया। उनका लेफ्ट आर्म स्पिनर पवन नेगी के अलावा सुंदर वॉशिंगटन से पूरे ओवर न फिंकवाना भी बेंगलुरु की हार का एक बड़ा कारण रहा, वह भी तब जबकि विकेट अच्छा खासा स्पिन ले रहा था।
बहरहाल, मैच में पूरी तरह धोनी छाए रहे और उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के एबी डीविलियर्स की चमकदार बल्लेबाजी को फीका कर डाला। डीविलियर्स ने 30 गेंदों पर 68 रन बनाए थे जिसमें 2 चौके और 8 छक्के शामिल थे।