श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने की रविवार को दूसरी बरसी पर उसके पैतृक शहर पुलवामा जिले के त्राल की ओर जाने वाले सभी मार्ग लगातार दूसरे दिन बंद हैं और एहतियातन अमरनाथ यात्रा को भी रोक दिया गया है।
किसी तरह की अप्रिय घटना और प्रदर्शन को रोकने के लिए शुक्रवार शाम से ही त्राल और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है। हिज्बुल कमांडर की दूसरी बरसी पर अलगाववादियों के रविवार को हड़ताल के आह्वान के मद्देनजर प्रशासन चौकस है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

ऐतिहासिक जामिया मस्जिद तीसरे दिन भी बंद : श्रीनगर में किसी भी विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जामिया मस्जिद को एतिहातन रविवार को लगातार तीसरे दिन भी बंद रखा गया। ऐतिहासिक मस्जिद के सभी गेटों को बंद कर दिया गया है और मुख्य जामिया बाजार एवं उससे सटे हुए इलाकों में लोगों को आने से रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबल तथा राज्य पुलिस के जवानों को तैनात किया गया।
जामिया मस्जिद की ओर जाने वाली सड़कों को राजौरी कदल, रंगेर स्टॉप तथा गोजवाड़ा में कटीले तारों से बंद कर दिया गया है। एस के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) की ओर जाने वाले मरीजों और चिकित्सकीय कर्मचारियों के वाहनों को हालांकि दस्तावेजों की जांच करने के बाद जाने की अनुमति दी जा रही है।
कश्मीर घाटी में ट्रेन सेवाएं दूसरे दिन भी स्थगित : शनिवार की रात पुलिस से ताजा परामर्श मिलने के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा कारणों से रविवार को भी सभी ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गईं। उत्तरी कश्मीर के श्रीनगर-बडगाम तथा बारामूला मार्ग पर कोई ट्रेन नहीं चलेगी। इसी तरह से दक्षिण कश्मीर के बडगाम-श्रीनगर-अनंतनाग-काजीगुंद से होते हुए जम्मू क्षेत्र के बनिहाल जाने वाली सभी ट्रेनें स्थगित कर दी गई हैं। इस महीने यह दूसरा मौका है जब घाटी में ट्रेन सेवा स्थगित की गई है।
अलगाववादियों ने संयुक्त विरोध नेतृत्व (जेआरएल)के तहत हड़ताल का एलान किया है जिसमें सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक शामिल हैं। अलगाववादियों ने रविवार को बुरहान को ‘फातेहा’ अदा करने के लिए लोगों से त्राल पहुंचने का आह्वान किया है।