नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मामले में अब अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अब इस मामले में कोई नया पक्ष नहीं जोड़ा जाएगा साथ ही कोई नई अर्जी भी स्वीकार नहीं की जाएगी। अदालत ने कहा कि हम इस मामले को विवादित जमीन की तरह ही देखेंगे।

गौरतलब है कि अदालत में गीता और रामायण समेत 22 किताबें रखी गईं, जिनके अनुवाद में लगने वाले वक्त के मद्देनजर अदालत ने सुनवाई के लिए 14 मार्च की तरीख तय की है।

दूसरी ओर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि मंदिर बनाने के लिए कोर्ट की क्या जरूरत। जब राज्य और केन्द्र में हमारी सरकार है तो फिर अदालत का क्या मतलब।