मुम्बई। पांच दिन पहले लापता हो गए एचडीएफसी बैंक के 39 वर्षीय अधिकारी मृत मिले हैं और पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि लूटपाट के इरादे से उनकी हत्या की गई। पुलिस ने कहा कि 30000 रुपए के लिए एचडीएफसी बैंक के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सांघवी की हत्या की गई।

इस मामले में सरफराज शेख उर्फ रईस को गिरफ्तार किया गया है, जो कमला मिल्स के पार्किंग वे में काम करता था। कमला मिल्स परिसर में ही सांघवी का कार्यालय था। सांघवी पिछले बुधवार को घर नहीं लौटे थे, जिसके बाद उनके परिवार ने मध्य मुम्बई के एन एम जोशी मार्ग थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका दक्षिण मुम्बई के मालाबार हिल इलाके में घर है।
सांघवी की गुमशुदगी के तीन दिन बाद उनके पिता को कॉल आया और फोनकर्ता ने उनसे कहा कि उनका बेटा सुरक्षित है और उन्हें चिंतिंत होने की जरुरत नहीं है। पुलिस के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि यह कॉल नवी मुम्बई से सांघवी के फोन से किया गया लेकिन सिमकार्ड भिन्न था।
पुलिस को यह फोन शेख के पास मिला। पुलिस का दावा है कि शेख को हिरासत में लेने के बाद जब पूछताछ की गई है तो उसने पैसे की खातिर सांघवी की हत्या करने की बात कथित रुप से कबूली।
पुलिस उपायुक्त (तृतीय जोन) अविनाश कुमार ने कहा कि शेख को कल रात गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने कहा कि उसे मोटरसाइकिल की ईएमआई चुकाने के लिए करीब 30 हजार रुपए की जरुरत थी। उसने सांघवी को लूटने की कोशिश की। उसी बीच दोनों में झगड़ा हो गया है और उसने सांघवी की हत्या कर दी।
कुमार ने बताया कि बुधवार की शाम पार्किंग क्षेत्र में यह घटना घटी। शेख ने हत्या के बाद सांघवी का शव कार में डाला और ठाणे जिले के कल्याण में उसे ठिकाने लगा दिया। बाद में उसने कार को नवी मुम्बई में छोड़ दिया। शुक्रवार को यह कार मिली, जिसमें खून के धब्बे लगे मिले। अधिकारी ने कहा, ‘शेख से मिली सूचना के आधार पर हमने आज सुबह शव बरामद किया।’
कुमार के अनुसार सांघवी के गले पर जख्म का निशान है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अपराध में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 19 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।