नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने दावा किया है कि आईपीएल के दौरान ‘कुछ संदिग्ध चीजों’ की शिकायत उन्होंने भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों से की और हाल में एक डाक्यूमेंट्री के इस परोक्ष संकेत को खारिज किया कि वह स्पॉट फिक्सिंग में शामिल हो सकते हैं।
अल जजीरा की क्रिकेट में कथित भ्रष्टाचार पर बनी डाक्यूमेंट्री में अरोप लगाया गया था कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी 2017 में भारत के खिलाफ रांची टेस्ट के दौरान स्पॉट फिक्सिंग में संलिप्त थे। इस मैच के लिए टीम में वापसी करते हुए मैक्सवेल ने शतक जड़ा था। इस वीडियो में इस आलराउंडर का कोई प्रत्यक्ष संदर्भ नहीं दिया गया है लेकिन इसमें इस्तेमाल की गई मैच फुटेज से संकेत मिलते हैं कि आरोपी दो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में से एक मैक्सवेल हो सकते हैं।
मैक्सवेल ने ‘सेन रेडियो’ को पुष्टि की कि इस फुटेज में उन्हें ही बल्लेबाजी करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे आईपीएल के दौरान मैं उनके (भ्रष्टाचार रोधी अधिकारी) साथ काफी ईमानदार रहा हूं। उन्होंने कहा कि अगर मैंने कभी कोई संदिग्ध चीज देखी तो मैंने हमेशा उन्हें (एसीयू) को जानकारी दी और बात करते हुए सुनिश्चित किया कि कोई चीज बाद में मुझे परेशान नहीं करे।
इस डाक्यूमेंट्री की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा जांच चल रही है। आईसीसी ने हालांकि अल जजीरा पर गैर संपादिक फुटेज साझा नहीं करने का आरोप लगाया है। मैक्सवेल ने कहा कि अगर मैं कुछ भूल गया तो मैंने हमेशा उन्हें फोन करके जानकारी दी और सुनिश्चित किया कि उनके पास हर संभव साक्ष्य हो।
उन्होंने कहा, क्रिकेट के खेल के दौरान कई बार आपको कुछ ऐसी चीजें दिखती है जिसके बारे में आप सुनिश्चित नहीं होते।