मास्को। इंग्लैंड ने पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 4-3 से हराकर बड़े टूर्नामेंटों में शूटआउट में लगातार पांच हार के क्रम को तोड़ते हुए विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जहां उसका सामना स्वीडन से होगा।
गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे इंग्लैंड कप्तान हैरी केन के पेनल्टी पर टूर्नामेंट के छठे गोल की बदौलत इंग्लैंड ने 57वें मिनट में बढ़त बनाई। कार्लोस सांचेज ने केन के खिलाफ फाउल किया था जिसके कारण टीम को यह पेनल्टी मिली थी।
गैरेथ साउथगेट की टीम इसके बाद नियमित समय में जीत की ओर बढ़ रही थी लेकिन येरी मिना ने अपनी लंबाई का फायदा उठाकर 93वें मिनट में हैडर से गोल दागकर कोलंबिया को बराबरी दिला दी। मिना लगातार तीन मैचों में गोल करने में सफल रहे। कोई भी टीम अतिरिक्त समय में गोल नहीं कर पाई जिससे नतीजे के लिए पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया।
कोलंबिया के गोलकीपर डेविड ओस्पीना ने जोर्डन हेंडरसन की तीसरी पेनल्टी रोककर कोलंबिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया लेकिन इसके बाद उनके साथी खिलाड़ी मैनुएल उरिबे का शॉट क्रास बार से टकरा दिया। इंग्लैंड के गोलकीपर जोर्डन पिकफोर्ड ने कार्लोस बाका का प्रयास नाकाम किया।
एरिक डायर ने इसके बाद निर्णायक पेनल्टी किक को गोल में बदलकर 2006 के बाद टीम को पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह दिलाई। आठ पेनल्टी शूटआउट में यह इंग्लैंड की सिर्फ दूसरी जीत है।
कोलंबिया को मैच की शुरुआत से पहले ही झटका लगा जब जेम्स रोड्रिगेज पिंडली की चोट से उबरने में नाकाम रहे। ब्राजील में चार साल पहले वह गोल्डन बूट विजेता रहे थे और तब कोलंबिया ने पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। प्री-क्वार्टर फाइनल के लिए साउथगेट ने केन, रहीम स्टर्लिंग और डेले अली सहित नौ खिलाड़ियों को शुरुआती एकादश में वापसी कराई।
पहले हाफ में केन को गोल करने का मौका मिला लेकिन उनका हैडर नेट के ऊपर गिरा। स्टर्लिंग ने डेविनसन सांचेज को पछाड़ा लेकिन बाएं पैर से लगाए उनके शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया। किरेन ट्रिपियर की फ्री किक भी निशाने से दूर रही। हेंडरसन की छाती पर सिर मारने के लिए विलमार बोरिस को येलो कार्ड दिखाया गया।
पिकफोर्ड ने मैच का अपना पहला बचाव करते हुए युआन फर्नांडो क्विनटेरो के लंबी दूरी से लगाए शॉट को नाकाम किया। कोलंबिया के कोचिंग स्टॉफ के एक सदस्य को जानबूझकर मध्यांतर के दौरान स्टर्लिंग से टकराते हुए देखा गया लेकिन उन्हें सिर्फ समझाकर छोड़ दिया गया।
कार्लोस सांचेज ने दूसरे हॉफ में कार्नर के करीब केन को गिराया जिसके कारण इंग्लैंड को पेनल्टी किक मिली जिसे कप्तान ने गोल में बदला। जापान के खिलाफ 1-2 की हार के दौरान सांचेज को ही टूर्नामेंट का पहला रेड कार्ड दिखाया गया था।
कोलंबिया के खिलाड़ियों ने हालांकि पेनल्टी के लिए रैफरी से लंबे समय तक विरोध जताया लेकिन केन ने धैर्य बरकार रखा और ओस्पीना को पछाड़ते हुए गोल किया। इसके बाद अली को इंग्लैंड की बढ़त दोगुना करने का मौका मिला लेकिन उनका हैडर क्रास बार के ऊपर से बाहर चला गया।
मैच में जब 10 मिनट का खेल बचा था तब पिकफोर्ड ने मैनुएल उरिबे के दूर से लगाए शॉट को नाकाम किया। मिना ने हालांकि इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में कोलंबिया को बराबरी दिला दी।
स्थापान्न खिलाड़ी डैनी रोज और डायर की बदौलत इंग्लैंड को दो बार अतिरिक्त समय में विजयी गोल दागने का मौका मिला लेकिन दोनों ही बार टीम का भाग्य ने साथ नहीं दिया।