नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब देखा और साझा किया जा रहा है जिसमें एक जंगली हाथी को धूम्रपान करते देखा जा सकता है। वीडियो बनाने वाले संगठन का कहना है कि यह हाथी संभवत: चारकोल यानी लकड़ी का कोयला खा रहा था और उस राख को उड़ा रहा था जो चारकोल के साथ उसके सूंड में आई थी।

वन्यजीव संरक्षण सोसाइटी (डब्ल्यूसीएस) ने बताया कि संगठन के इंडिया प्रोग्राम के सहायक निदेशक विनय कुमार ने यह वीडियो बनाया, जिससे जंगली हाथियों के व्यवहार का एक नया पहलू सामने आया है। यह वीडियो अप्रैल 2016 में कर्नाटक के नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान में उस वक्त बनाया गया जब डब्ल्यूसीएस इंडिया प्रोग्राम की एक टीम बाघों और उनके शिकार पर नजर रखने की परियोजना पर काम कर रही थी।

यह वीडियो सोशल मीडिया साइटों पर खूब साझा किया गया है और इसे देखने के बाद हाथियों के व्यवहार पर भी हालिया दिनों में काफी चर्चा हुई है। डब्ल्यूसीएस की ओर से जारी एक बयान में दावा किया गया, हमारे सहकर्मी विनय कुमार ने एक जंगली एशियाई हाथी का वीडियो बनाया जिसमें वह धूम्रपान करता हुआ नजर आ रहा है। ऐसा लगता है कि वह चारकोल खा रहा है और राख को बाहर फेंक रहा है।

बयान के मुताबिक, यह किसी जंगली हाथी का पहला ज्ञात वीडियो है जिसमें वह इस तरह का व्यवहार कर रहा है और इस कारण वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों में कौतूहल है। डब्ल्यूसीएस इंडिया प्रोग्राम के हाथी जीव-विज्ञानी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक वरुण आर गोस्वामी ने बताया कि इस बात की पूरी संभावना है कि हाथी लकड़ी का कोयला (चारकोल) खाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह जंगल में जली हुई जमीन से कुछ उठाता दिख रहा है, फिर सूंड में आई राख को बाहर फेंक रहा है और फिर बची हुई चीजों को खा रहा है।

बयान में कहा गया कि चारकोल अपने कुछ विशेष गुणों के लिए जाना जाता है जिससे जंगली पशु उसकी ओर आकर्षित होते हैं। इसमें पशुओं के लिए औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, इसलिए जंगल में आग लगने या बिजली गिरने या झुलसने पर वे इसका उपभोग करते हैं।

कुमार ने बताया कि जब वह वीडियो बना रहे थे उस वक्त हाथी और धूम्रपान के बारे में उन्हें कुछ खास लगा और बाद में वह इस घटना को भूल गए। उन्होंने बताया कि हाल में जब वह अपने रिकॉर्ड में देख रहे थे तो एक बार फिर उनकी नजर उस वीडियो पर पड़ी।

कुमार ने कहा, मैंने गोस्वामी से इस बारे में चर्चा की और फिर फैसला किया गया कि हम इसे जारी करेंगे। बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और प्रकाशनों ने यह वीडियो खूब साझा किया है।