नई दिल्ली। पृथ्वी शॉ मंगलवार से यहां शुरू हो रहे देवधर ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट में आकर्षण का केंद्र होंगे। लेकिन अजिंक्य रहाणे और रविचन्द्रन अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के जरिए एकदिवसीय प्रारूप में अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश करेंगे।
अगले साल होने वाले विश्व कप से पूर्व भारत को अब सिर्फ 17 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और खेलने हैं और ऐसे में टीम के मुख्य खिलाड़ी लगभग तय हैं। घरेलू स्तर पर खेलने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए यह अगले महीने होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के लिए दावेदारी पेश करने का मौका होगा।
टेस्ट में अश्विन के स्पिन जोड़ीदार रवीन्द्र जडेजा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में वापसी करने में सफल रहे हैं लेकिन इस दिग्गज ऑफ स्पिनर को जुलाई 2017 से भारत के लिए सीमित ओवरों का मैच खेलने का मौका नहीं मिला है। भारत का स्पिन विभाग फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है और ऐसे में अश्विन को 2019 विश्व कप से पूर्व सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपना दावा मजबूत करने के लिए काफी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
भारत ‘ए’ टीम में अश्विन के कप्तान और तमिलनाडु टीम के उनके साथी दिनेश कार्तिक के सामने भी इसी तरह की चुनौती है। कार्तिक को विंडीज के खिलाफ मौजूदा एकदिवसीय श्रृंखला की टीम से बाहर कर दिया गया है।
निधाहस ट्रॉफी के फाइनल में अंतिम गेंद पर छक्के से भारत को जीत दिलाने के बाद से कार्तिक छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं जबकि उनके विकल्प के तौर पर टीम में शामिल ऋषभ पंत ने प्रभावित किया है। कार्तिक को ऐसे में अगर अगले महीने से होने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे की टीम के लिए दावेदारी पेश करनी है, तो देवधर ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारत ‘ए’ टीम में पृथ्वी और करुण नायर जैसे उम्दा बल्लेबाज मौजूद हैं।
टेस्ट उपकप्तान रहाणे ने अपना पिछला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच फरवरी में खेला था और चयनकर्ताओं को प्रभावित करने के लिए उन्हें भी विशेष प्रदर्शन करना होगा। वे चौथे स्थान के संभावित दावेदार हैं, जहां अभी अंबाती रायुडू को प्राथमिकता मिल रही है। हाल में संपन्न विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता के लिए चुना गया है जिसमें भारत ‘ए’, भारत ‘बी’ और भारत ‘सी’ की टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी।
पिछली प्रतियोगिताओं की तरह इस बार विजय हजारे ट्रॉफी चैंपियन टीम को इस टूर्नामेंट में जगह नहीं मिली है। कुल मिलाकर टूर्नामेंट में 4 मैच खेले जाएंगे जिसका फाइनल 27 अक्टूबर को होगा। भारत ‘बी’ के कप्तान श्रेयस अय्यर जबकि भारत ‘सी’ के कप्तान रहाणे हैं।
टीमें इस प्रकार हैं-
भारत ‘ए’: दिनेश कार्तिक (कप्तान), पृथ्वी शॉ, अनमोलप्रीत सिंह, अभिमन्यु ईश्वरन, अंकित बावने, नीतीश राणा, करुण नायर, कृणाल पांड्या, रविचन्द्रन अश्विन, श्रेयस गोपाल, शम्स मुलानी, मोहम्मद सिराज, धवल कुलकर्णी और सिद्धार्थ कौल।
भारत ‘बी’ : श्रेयस अय्यर (कप्तान), मयंक अग्रवाल, ऋतुराज गायकवाड़, प्रशांत चोपड़ा, हनुमा विहारी, मनोज तिवारी, अंकुश बैन्स, रोहित रायुडू, के. गौतम, मयंक मार्कंडेय, एस. नदीम, दीपक चहर, वरुण आरोन और जयदेव उनादकट।
भारत ‘सी’ : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अभिनव मुकुंद, शुभमन गिल, रविकुमार समर्थ, सुरेश रैना, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, विजय शंकर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल चाहर, पप्पू राय, नवदीप सैनी, रजनीश गुरबानी और उमर नजीर।