नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए अपने सभी प्रधान सचिवों और सचिवों से अपने-अपने विभागों के बिजली, पानी और टेलीफोन जैसे बिलों का ई-भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार सरकार ने सभी विभागों के प्रमुखों को सभी सेवाओं का ई-भुगतान करने का निर्देश दिया है। उसमें कहा गया कि बीएसईएस, टाटा पॉवर, दिल्ली जल बोर्ड और एमटीएनएल अपने बिलों का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से लेने के लिए सहमत हो गए हैं।
सरकार के प्रधान लेखा कार्यालय (पीएओ) ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों और सचिवों को टेलीफोन, पानी और बिजली के बिलों के भुगतान के डिजिटललीकरण को बढ़ावा देने के लिए लिखा है।
पीएओ ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक हालिया कार्यालय ज्ञापन का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि टेलीफोन कंपनियों, बिजली व जल आपूर्ति करने वाली कंपनियों और बोर्डों, पेशेवर कर समेत अन्य सेवाओं का भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से करना चाहिए।
विज्ञप्ति के मुताबिक सरकारी दफ्तरों के बिजली, पानी, टेलीफोन शुल्क का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से करने की संभावना तलाशने के लिए इस कार्यालय ने दिल्ली जल बोर्ड, एमटीएनएल, बीएसईएस, टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के प्रतिनिधियों से चर्चा की है। बिजली कंपनियां और दिल्ली जल बोर्ड ने अपने बिलों का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से लेने पर सहमति जताई है।
उसमें यह भी कहा गया कि एमटीएनएल के प्राधिकारी भी बिलों का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेने पर सहमत हो गए हैं।