ब्लड प्रेशर की वैल्यू में बदलाव पर हो रहा है विचार, 130/80 को नहीं मान सकते अब नॉर्मल
बदलती जीवनशैली में ब्लड प्रेशर की चपेट में युवा भी आ रहे हैं। बुजुर्गों में इस समस्या को आजकल सामान्य माना जाने लगा है लेकिन इसके खतरे भयंकर परिणामों की तरफ बढ़ रहे हैं।
हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्‍टर्स का मानना है कि ब्लड प्रेशर का लेवल 130/80 से ज्यादा होने पर इसे बढ़ती बीमारी का ‘वार्निंग सिग्नल’ मानना चाहिए।
नई अमेरिकी औैर यूरोपियन गाइड लाइन के अनुसार 130/80 या 140/90 से कम पर ब्लड प्रेशर के वैल्यू का रिवीजन होना चाहिए।
अब तक 130-139/80-89 ‘हाई नॉर्मल’, 120-129/ 80 से नीचे ‘नॉर्मल’, और 80 से नीचे ‘ऑप्टिमल’ माना जाता रहा है।
वास्तव में हायपरटेंशन, समस्या से कहीं ज्यादा बीमारी है। यह कई रोगों और मौत की बहुत बड़ी वजह है। अगर हायपरटेंशन का सही समय पर इलाज ना हो तो यह दिल के बड़े रोग का कारण बन सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार समय जिस तेज गति से बदल रहा है और तनाव ने जिस कदर हमें घेर लिया है ऐसे में सामान्य रक्तचाप की परिभाषा हमें बहुत जल्द बदलनी होगी ताकि समय पर हायपरटेंशन के मरीज का इलाज किया जा सके और उसे दिल के गंभीर रोगों से बचाया जा सके।