जोहान्सबर्ग। भारतीय तेज गेंदबाजी के अगुआ भुवनेश्वर कुमार का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के वर्तमान दौरे में भारतीय बल्लेबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदों का अच्छी तरह से सामना किया, जो कि टीम की सफलता का एक प्रमुख कारण है।
भुवनेश्वर ने भारत की पहले टी-20 में जीत के बाद कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में शॉर्ट पिच गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश की लेकिन यह रणनीति उन पर उलटी पड़ गई। भुवनेश्वर ने भारत की 28 रन से जीत के बाद कहा कि जब भी भारतीय टीम विदेश जाती है तो यह माना जाता है कि उसके बल्लेबाज शॉर्ट पिच गेंदों को खेलने में पूरी तरह से सक्षम नहीं हैं। इस बार हमने ऐसा नहीं देखा।

हम वास्तव में शॉर्ट पिच गेंदों से अच्छी तरह से निबटे। सोमवार को उन्होंने पारी के शुरू में 5-6 ओवर में काफी शॉर्ट पिच गेंदें कीं लेकिन यह रणनीति उन पर उलटी पड़ गई। उन्होंने कहा कि हमारी जो भी साख रही हो पिछले कुछ वर्षों में हम उसके विपरीत खेल रहे हैं। हमने इस दौरे में शॉर्ट पिच गेंदों को अच्छी तरह से खेला। वे शॉर्ट पिच गेंदें करना चाहते हैं लेकिन इससे उन्हें फायदा नहीं मिल रहा है।

भुवनेश्वर ने 24 रन देकर 5 विकेट लिए जिससे भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 20 ओवर में 9 विकेट पर 175 रन ही बनाने दिए। भारत ने इससे पहले पॉवरप्ले में ताबड़तोड़ रन बटोरकर 5 विकेट पर 203 रनों का स्कोर खड़ा किया था। अपने टी-20 करियर में पहली बार 5 विकेट लेने वाले भुवनेश्वर ने कहा कि मैं अपनी गति में परिवर्तन लाने की कोशिश कर रहा हूं। मैं गेंद की गति को नियंत्रित करना चाहता था, क्योंकि मैं जानता था कि शॉट मारना आसान नहीं है और इसलिए मैंने ऐसा किया।

महत्वपूर्ण यह है कि विकेट की प्रकृति के अनुसार आप अपनी गेंदों के साथ कैसे सामंजस्य बिठाते हैं। उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए सोमवार को हमने काफी धीमी गेंदें कीं, जो इस विकेट पर हमारी रणनीति का हिस्सा था। गति धीमी रखना और रनों पर अंकुश लगाना। लाइन और लेंथ के अलावा आप अपनी गेंदों की गति पर कैसे नियंत्रित करते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होता है।

भुवनेश्वर पहले भारतीय तेज गेंदबाज हैं जिन्होंने खेल के तीनों प्रारूपों में 1 पारी में 5 या इससे अधिक विकेट लिए हैं। उनके लिए यह दौरा काफी सफल रहा है और उन्होंने न सिर्फ गेंदबाजी बल्कि अपने बल्लेबाजी कौशल का भी अच्छा नजारा पेश किया। इस तेज गेंदबाज ने कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बीच खुद को व्यवस्थित रखना और फिटनेस उनकी सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि फिटनेस महत्वपूर्ण है।

तीनों प्रारूपों में खेलना आसान नहीं है विशेषकर एक दौरे में। इसलिए यहां आने से पहले मैंने व्यस्तता के बीच खुद को व्यवस्थित करना सीखा। मैं खास तरह से अभ्यास करना चाहता था ताकि मेरे शरीर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़े।