रायपुर। बीजेपी के नेता और भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के बाद देश में शोक की लहर रही और हर राजनीतिक पार्टी ने अपना दु:ख व्यक्त किया। लेकिन बीजेपी ने इसी को देश में भुनाने की कोशिश की और उसने अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों के कई कलश बनाए।
पार्टी ने इन कलशों को राज्य, जिला, ब्लॉक लेवल पर भेजा ताकि कार्यकर्ता कलश दर्शन कर सकें। बीजेपी इसे चुनाव में भी भुनाने की कोशिश कर रही है। यही वजह है कि बीजेपी के सभी पोस्टरों में अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीरें नजर आती हैं। लेकिन अब अटल बिहारी वाजपेयी के उन्हीं कलशों पर गर्त नजर आ रही है।
ये नजारा है छत्तीसगढ़ के बीजेपी दफ्तर का, जहा हॉल के एक किनारे में एक बोरी में अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश भरे पड़े हैं। इन कलशों में अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां हैं और मिट्टी भी भरी हैं। ये कलश 1-2 नहीं, बल्कि कई हैं।
तस्वीरें बताती हैं कि पार्टी के मन में अटल बिहारी वाजपेयी कितने आदरणीय हैं और उनकी कितनी अहमियत है? ये सारे कलश ब्लॉक लेवल से यहां वापस आए हैं लेकिन पार्टी ने इन कलशों में भरीं अस्थियों को विसर्जित नहीं किया, जबकि दर्शन के बाद ब्लॉक स्तर के कलशों को यहां पर वापस भेज दिया गया है।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर इस तरह से अटल बिहारी वाजपेयी को मानने का दावा करने वाली बीजेपी अपने दफ्तर में क्यों अटल बिहारी वाजपेयी की आत्मा को भटका रही है?