न्यूयॉर्क। अमेरिका की अदालत ने अपना एक बड़ा फैसला देते हुए भारतीय इंजीनियर की हत्‍या के दोषी एक पूर्व नौसैनिक को 60 साल कैद की सजा सुनाई है। हालांकि अमेरिका में हत्‍या के जुर्म पर 20 साल की सजा दी जाती है, लेकिन अदालत ने इसे बेहद घिनौना अपराध माना।

खबरों के मुताबिक, भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीभोतला की हत्या के मामले में अमेरिका की अदालत ने इस मामले में दोषी पूर्व नौसैनिक एडम पुरिन्टन (53) को तीन बार उम्रकैद की सजा सुनाई। इस तरह उसे उसे 60 साल तक जेल में ही रहना होगा। वैसे अमेरिका में हत्या का जुर्म साबित होने पर 20 साल की उम्रकैद दी जाती है।

पूर्व नौसैनिक एडम ने 22 फरवरी 2017 में उपनगरीय इलाके कंसास सिटी के ऑटिन्स बार में कुचीभोतला की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं इस घटना में भारतीय मूल के उनके दोस्त आलोक मदसानी और कंसास निवासी इयान ग्रिलॉट भी जख्मी हो गए थे।

अटॉर्नी जनरल जेफ सेसन्स ने सजा सुनाने के पहले कहा, यह काफी घिनौना अपराध है। उसे अब आजाद घूमने का कोई हक नहीं है। मामले की सुनवाई के दौरान एडम ने जॉन्सन काउंटी जिला अदालत में कबूल किया था कि रंग, धर्म और नागरिकता को लेकर उसने कुचीभोतला और मदसानी पर हमला किया था।

श्रीनिवास और आलोक मदसानी ओलाथे में जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन की एविएशन विंग में काम करते थे। 22 फरवरी की रात वे ओलाथे के ऑस्टिन बार एंड ग्रिल बार में थे। अमेरिकी नौसेना से रिटायर्ड एडम पुरिन्टन उनसे उलझ गया था।

इस दौरान उसने दोनों को आतंकी कहा और बोला कि मेरे देश से निकल जाओ, तुम मेरे देश में क्यों आए हो? तुम हमसे बेहतर कैसे हो? बहस के बाद एडम को बार से निकाल दिया गया। थोड़ी ही देर में वह गन लेकर लौटा और दोनों पर गोली चला दी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।