एक फिट बॉडी खूबसूरती में चार चांद लगाती है। इसमें कोई दो राय नहीं। अब दौर ऐसा है कि आम लोग भी सेलेब्रिटीज की तरह फिट बॉडी की इच्छा रखते हैं। एक बात साफ है कि सिर्फ पतले होना फिटनेस की निशानी नहीं है। एक फिट बॉडी एक खास शेप, बढ़िया पॉश्चर (आप कैसे चलते, बैठते या खड़े होते हैं) और मेटाबॉलिज्म का सही मेल होता है।

आप किसी काम में खुद को कितना झोंक पा रहे हैं, यह भी स्वस्थ शरीर की निशानी है। कितने कम समय में आप कोई काम कर पा रहे हैं। आपका रिएक्शन टाइम और स्टेमिना आपकी फिटनेस बयान करती हैं। अगर आप खेलों का हिस्सा नहीं हैं तो आपकी फिटनेस इन बातों से ही पता चल पाएगी। आप फिट हैं या नहीं यह जानने के लिए इन 5 लक्षणों पर ध्यान दें।
1. शरीर की बनावट या बॉडी कम्पोजिशन : बॉडी कम्पोजिशन मेजरमेंट से आपके शरीर में फैट और मसल्स का पता लगाया जाता है। आपकी हाइट, उम्र, वजन, हड्डियों की बनावट और फैट के आधार पर आपकी फिटनेस तय की जाती है। अगर आप जिम जाकर एक्ससाइज करते हैं तो ट्रेनर आपके बॉडी कम्पोजिशन एनालिसिस के आधार पर ही तय करेगा कि फिटनेस के लिए आपको कितना वजन कम करना है या बढ़ाना है।
2. लचीलापन : लचीलापन या फ्लेक्जिबिलिटी उम्र बढ़ने पर कम
होती है। एक्ससाइज का उद्देश्य सिर्फ वजन घटाना नहीं बल्कि शरीर को लचीला बनाना भी है। लचीलापन आपकी हड्डियों का अपनी का पूरी रेंज में काम करने की क्षमता से पता चलता है। अब लाइफस्टाइल ऐसी हो चली कि हम अक्सर बैठे
रहते हैं। हमारे जॉइंट्स कम काम करते हैं और जाम होने लगते हैं। ऐसे में लचीलापन खोने लगता है।

3. कार्डियोवस्क्यूलर फिटनेस या मजबूत दिल : कार्डियोवस्क्यूलर फिटनेस आपके दिल और फेफड़ों के मिलकर बढ़िया काम करने से आती है। आपके शरीर में हर हिस्से में ऑक्सीजन की सही मात्रा पहुंचना और जहरीले पदार्थों का बाहर निकलना कार्डियोवस्क्यूलर फिटनेस की निशानी है। आप कार्डियो वर्कआउट कितने समय तक कर पा रहे हैं आपकी कार्डियोवस्क्यूलर फिटनेस पर निर्भर करता है।
4. मसल्स स्ट्रेंथ या मजबूत मसल्स : मसल्स स्ट्रेंथ का मतलब है आप कितना वजन उठा पा रहे हैं। जब आप कोई सामान या बच्चा उठाते हैं तो आपको पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण अधिक ताकत की जरूरत होती है। अगर आपके मसल्स कमजोर हैं तो ये भारी चीजों को उठा, धकेल या खींच नहीं पाएंगे।

5. मसल्स एंड्यूरेंस या एक ही काम को बार बार करने की ताकत : आपने कोई सामान उठाया या आपने दौड़ लगाई, आपने यह काम किए और आप थक गए। अगर आपसे थोड़ी ही देर में फिर इन्हीं कामों को दोहराने के लिए के लिए कहा जाए तो आप इंकार कर देंगे। यहां आपकी फिटनेस कमजोर है। मैराथन इसका ही उदाहरण है।