लगातार विरोध के बीच सिनेमाघरों में आई पद्मावत ने महज चार दिनों में ही बॉलीवुड के प्रतिष्ठित 100 करोड़ क्लब की सदस्यता हासिल कर ली है। जिस तेजी से फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बढ़ रहा है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि यह फिल्म जल्द ही 200 करोड़ क्लब में भी जगह बना लेगी।

बॉक्स ऑफिस में किसी भी फिल्म के द्वारा 100 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करना किसी मील के पत्थर की तरह माना जाता है। लोगों के बीच यह धारणा बन चुकी है कि फिल्म जितनी अधिक कमाई करती है, उतनी ही बेहतर एवं अच्छी होती है। यह एक विडम्बना ही है कि लोगों के इस पैमाने पर कई बेहतरीन फिल्में खरी नहीं उतर पाती और उन्हें अच्छी फिल्म होने का प्रमाण जनता से नहीं बल्कि क्रिटिक से लेना पड़ता है।
बॉक्स ऑफिस कमाई के आधार पर पिछले कई सालों में कुछ खास श्रेणियों का निर्माण हुआ। इनमें सबसे पहले नाम 100 करोड़ क्लब का आता है, इसके बाद 200 करोड़, 300 करोड़ और अब 500 करोड़ क्लब की शुरुआत भी हो चुकी है। आइए बॉलीवुड के इसी 100 करोड़ क्लब का बारीकी से मुआयना करते हुए यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आखिर इस एलीट समूह का बादशाह कौन है। इससे पहले 100 करोड़ क्लब को अच्छी तरह समझ लेते हैं।
क्या है 100 करोड़ क्लब?
आम तौर पर लोग समझते हैं कि जिन फिल्मों की कुल कमाई 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाती है उन्हें 100 करोड़ क्लब में जगह दी जाती है। लेकिन कुल कमाई नहीं बल्कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर नेट कलेक्शन के आधार पर फिल्मों को इन एलीट समूहों में शामिल किया जाता है।
कितनी फिल्में हैं 100 करोड़ क्लब का हिस्सा?
बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस में अब तक 61 फिल्में (पद्मावत तक) 100 करोड़ क्लब में जगह बना चुकी हैं। इसमें राजामौली द्वारा निर्देशित बाहुबली के दोनों भाग के हिंदी संस्करण भी शामिल हैं। इसके अलावा 2 हॉलीवुड फिल्मों के हिंदी संस्करण भी इस एलीट क्लब का हिस्सा हैं। इस तरह कुल फिल्मों का आंकड़ा 63 तक पहुंच जाता है क्योंकि डब फिल्मों को भी जोड़ा गया है। इस समूह की नवीनतम सदस्य फिल्म पद्मावत है।